लखनऊ के घंटाघर में सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रही महिलाओं से कंबल और खाने-पीने के सामान कथित तौर पर छीन लेने के मामले में लखनऊ पुलिस ने स्पष्टीकरण दिया कि उसने यह काम विधिक तरीक़े से किया. ये सामान रात में ठंड से बचने के लिए वहां मौजूद महिलाओं में वितरित करने के लिए लाए गए थे.
सवाल उठ रहे हैं कि ठंड के मौसम में किसी से कंबल जैसे सामान छीन लेना या फिर उन्हें बांटने से रोकना किस तरीक़े से विधिक हो सकता है. हालांकि लखनऊ पुलिस ने इस बारे में रविवार को ही स्पष्ट कर दिया था कि ये सामान कुछ बाहरी लोग वितरित कर रहे थे और सामान पाने वाले वो लोग थे जिनका धरना-प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं था.
लेकिन वहां से मिले वीडियो फ़ुटेज इससे कुछ अलग कहानी कहते हैं. साथ ही वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, खुले आसमान के नीचे भीषण ठंड में प्रदर्शनकारी बैठे थे जिनके लिए वहां मौजूद कुछ लोगों ने खाने-पीने का सामान और कंबल लाकर बांटने का ज़िम्मा उठाया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस ने अचानक कंबल के पैकेट्स और दूसरी चीजों को वहां से हटाना शुरू कर दिया. बाद में सोशल मीडिया पर लखनऊ पुलिस की इस कार्यशैली की काफ़ी आलोचना हुई तो पुलिस ने इस बारे में वक्तव्य जारी कर कहा कि सारी कार्रवाई विधिक तरीक़े से हुई.
लखनऊ के पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय बीबीसी से बातचीत में इस विधिक तरीक़े को स्पष्ट करते हुए कहते हैं, "वहां से जो भी चीजें उठाई गईं उनका पुलिस के पास लिखित विवरण है, वो वस्तुएं पुलिस स्टेशन में लाकर रखी गई हैं, इसका भी लिखित विवरण है. विधिक तरीक़े का यही मतलब है कि जो भी चीज़ ज़ब्त की गई वो पूरी तरह से नियमानुसार की गई और उसका पूरा विवरण लिखित तौर पर पुलिस के पास है."
लखनऊ के घंटाघर पर महिलाओं का पिछले चार दिन से नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ धरना और प्रदर्शन चल रहा है. महिलाएं अपने हाथों में तख़्तियां लेकर बैठी हैं. शनिवार को कुछ लोग वहां कंबलों के पैकेट और कुछ अन्य वस्तुएं लेकर आए और प्रदर्शनकारियों के बीच बांटने लगे. तभी अचानक पुलिस वालों ने ऐसा करने से मना किया और कंबल ज़ब्त कर लिए गए. अगले दिन प्रदर्शनकारियों ने दावा किया था कि पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं के पास से खाने-पीने के सामान सहित कंबल को भी ज़ब्त कर लिया है.
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद एक महिला सुमैया राणा बताती हैं, "पुलिस वाले कंबल और दूसरे सामान लेकर भागने लगे तो हम लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया. बिल्कुल चोरों की तरह लेकर भाग रहे थे. न तो किसी से पूछा और न ही किसी को कंबल बांटने से मना किया. सीधे मौक़ा देखकर कंबल के बंडल लेकर भागने लगे. ये कंबल तमाम उन महिलाओं के लिए लाए गए थे जो रात-रात भर खुले आसमान के नीचे बैठी हैं. कई महिलाओं के साथ बच्चे भी हैं, बुज़ुर्ग महिलाएं भी हैं. किसी तरह का शेड डालने से पहले ही रोका गया है. हम लोग वहां आग जलाने की कोशिश करते हैं तो आग में पुलिस वाले पानी डाल देते हैं."
लेकिन पुलिस वालों का दावा है कि उन्होंने ये कार्रवाई क़ानून और व्यवस्था की दृष्टि से की क्योंकि वहां बांटने वाले दूसरे लोग थे और कंबल लेने के लिए वो लोग आ रहे थे जो प्रदर्शन में शामिल नहीं थे. घंटाघर पर अभी भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं. प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का आरोप है कि पुलिस आंदोलन को रोकने की हर संभव कोशिश कर रही है.
प्रदर्शनकारियों से कंबल छीन ले जाने को पुलिस भले ही विधिक कार्रवाई बता रही हो लेकिन जानकारों का कहना है कि ये पूरी तरह से ग़ैर-क़ानूनी है. सामाजिक कार्यकर्ता और रिटायर्ड पुलिस अधिकारी एसआर दारापुरी कहते हैं, "यह क़तई विधिक तरीक़ा नहीं है. यदि धारा 144 का उल्लंघन हो रहा है तो आप उन्हें हटाइए और उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज करिए लेकिन क़ानून ये अधिकार किसी को नहीं देता है कि ठंड में कोई कंबल बांट रहा है तो पुलिस उसे छीन ले या ज़ब्त कर ले. ये तो अपनी ताक़त का बेजा इस्तेमाल करना है. ये सीधे तौर पर न सिर्फ़ क़ानून का उल्लंघन है बल्कि अत्याचार भी है."
दारापुरी का कहना है कि ये कंबल बांटने वाले के ऊपर है कि वह किसे देता है और किसे नहीं क्योंकि यह कोई सरकारी वितरण तो था नहीं. दारापुरी सवाल भी उठाते हैं कि पुलिस ने जो कंबल या सामान उठाए थे वो कहां गया और किसे बांटा गया. हालांकि इस बारे में पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने बताया कि ज़ब्त किए गए कंबल पुलिस थाने में रखे गए हैं.
चौक इलाक़े की रहने वाली पैंसठ वर्षीय रुख़साना पिछल तीन दिन से प्रदर्शन स्थल पर लगातार बैठी हुई हैं. उनका कहना है, "हम ग़ैर क़ानूनी काम कर रहे हैं तो पुलिस हमें यहां से हटा सकती है लेकिन इतना तो रहम खाना चाहिए कि यदि इतनी ठंड में कोई आग जलाकर ताप रहा है तो उस आग और उस कोयले में पानी न डालें. हमारे सामने पुलिस वाले छाए में रह रहे हैं और आग जलाकर सेंक रहे हैं. आख़िर क्या हम इंसान नहीं हैं. लेकिन हमें जितना परेशान करेंगे, हम उतनी मज़बूती से डटे रहेंगे."
कंबल ज़ब्त करने के विधिक तरीक़े पर सवाल करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील सुधीर सिंह हँस पड़ते हैं, "यह किस क़ानून में लिखा है, ये तो पुलिस वाले ही बता सकते हैं. क़ानून व्यवस्था का हवाला देकर उन्हें वहां इकट्ठा होने से रोका जा सकता है, ठंड से बचने या फिर कुछ खाने-पीने से थोड़ी न रोका जा सकता है."
नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रयागराज के रोशन बाग में महिलाएं पिछले एक हफ़्ते से धरने पर बैठी हैं तो अलीगढ़, कानपुर, देवबंद, बरेली जैसे शहरों में भी प्रदर्शन की ख़बरें हैं. अलीगढ़ में पुलिस ने धारा 144 का उल्लंघन करने के मामले में सत्तर महिलाओं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर भी दर्ज की है.
Monday, January 20, 2020
Monday, January 13, 2020
जामिया के नाराज़ छात्रों के वीसी नजमा अख़्तर से तीखे सवाल
ब्रिटेन की महारानी एलिज़बेथ के पोते प्रिंस हैरी ने एलान किया है कि वो और उनकी पत्नी मेगन राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य की भूमिका से ख़ुद को अलग कर रहे हैं और वो अब ख़ुद को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए काम करेंगे.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
ड्यूक और डचेज़ ऑफ़ ससेक्स के बारे में इस एलान से ब्रिटेन का राजपरिवार सकते में आ गया है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
प्रिंस हैरी और मेगन ने एक बयान जारी कर कहा कि वे दोनों अब ब्रिटेन और उत्तरी अमरीका में अपना समय व्यतीत करेंगे.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
बीबीसी को मिली जानकारी के अनुसार शाही जोड़े ने इस घोषणा से पहले शाही परिवार के किसी और सदस्य से कोई सलाह मशविरा नहीं किया था और उनके इस फ़ैसले से शाही परिवार निराश है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
बुधवार को एक अप्रत्याशित बयान के ज़रिए जिसे उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर भी पोस्ट किया था दोनों ने कहा कि कई महीनों तक विचार विमर्श के बाद ही उन्होंने ये फ़ैसला किया है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
बयान में उन्होंने कहा कि ''हमलोग शाही परिवार के वरिष्ठ सदस्य की हैसियत से हटना चाहते हैं और अपने आर्थिक रूप से आज़ाद होने के लिए काम करना चाहते हैं. लेकिन इसके साथ ही महारानी को हमारा समर्थन जारी रहेगा.''मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
उन्होंने कहा कि वो दोनों अब ब्रिटेन और उत्तरी अमरीका दोनों जगह में रहेंगे. बयान में उनका कहना था, ''इस भौगोलिक संतुलन से हमें अपने बेटे को शाही तौर तरीक़ों के साथ जिसमें उनका जन्म हुआ था, पालने में मदद मिलेगी. इससे हमें ये स्पेस भी मिलेगा जिससे हम जीवन के नए अध्याय पर केंद्रित हो सकेंगे और अपनी नई चैरिटेबल संस्था को लॉन्च करने का भी मौक़ा मिलेगा.''मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
बीबीसी के शाही संवाददाता जॉनी डायमंड के अनुसार शाही परिवार का ये कहना कि वो इस फ़ैसले से दुखी हैं ये ही बहुत है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
डायमंड का कहना था, ''मेरा सोचना है कि ये इस बात के संकेत हैं कि शाही परिवार आज की रात क्या सोच रहा होगा. ये उतना अहम नहीं है कि क्या हुआ बल्कि जिस तरह से किया गया वो महत्वपूर्ण है. उनसे संपर्क न करना उन्हें बहुत दुखी करेगा.''मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
राजघराने की एक प्रवक्ता के अनुसार ''ड्यूक एंड डचेज़ ऑफ़ ससेक्स से उनके इस फ़ैसले पर शुरुआती बातचीत हो रही थी. एक अलग रास्ता चुनने की उनकी इच्छा को हम समझ सकते हैं लेकिन ये सब चीज़ें बहुत ही पेचीदा हैं और इन्हें ठीक होने में समय लगेगा.''मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
राजघराने के पूर्व प्रेस अधिकारी डिक्की आर्बिटर ने अनुसार इस फ़ैसले से पता चलता है कि प्रिंस हैरी ने दिमाग़ के बजाए अपने दिल की बात सुनी है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
आर्बिटर के अनुसार उनके बेटे आर्ची की पैदाइश के समय मीडिया ने उनके साथ जैसा बर्ताव किया था, उनके इस फ़ैसले की एक वजह ये भी हो सकती है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
आर्बिटर ने प्रिंस हैरी के इस फ़ैसले की तुलना 1936 में एडवर्ड-8 के उस फ़ैसले से की जब उन्होंने दो बार तलाक़शुदा वैलिस सिंपसन से शादी करने के लिए शाही गद्दी छोड़ दी थी.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
आर्बिटर ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि शाही जोड़ा किस तरह आर्थिक रूप से स्वतंत्र होगा.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
उनके अनुसार, ''हैरी कोई ग़रीब व्यक्ति नहीं हैं. लेकिन दो अलग-अलग देशों में ख़ुद को सेट करना, परिवार की देख भाल करना और अपना काम भी करते रहना, लेकिन इन सबके लिए पैसे कहां से आएंगे.''मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
आर्बिटर ने इस बात पर भी सवाल खड़े किए कि आख़िर शाही जोड़े को सुरक्षा कौन देगा और उसका ख़र्चा कौन उठाएगा.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
आर्बिटर के अनुसार लोग ये भी पूछेंगे कि अगर ये दंपत्ति साल के कुछ महीनों के लिए बाहर रहने जाएंगे तो फिर ब्रिटेन में उनके घर के रखरखाव के लिए 24 लाख पाउंड जनता का पैसा क्यों ख़र्च किया गया जो टैक्स देने वालों का पैसा था.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
लेकिन बीबीसी के शाही संवाददाता जॉनी डायमंड के अनुसार शाही जोड़े ने काफ़ी पैसे बचाकर रखे हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
उनके अनुसार प्रिंस हैरी को अपनी मां प्रिंसेज़ डायना से विरासत में ढेर सारा पैसा मिला था और फिर मेगन ने एक कलाकार की हैसियत से भी काफ़ी पैसे कमा कर रखे हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
जॉनी डायमंड के अनुसार उन लोगों के लिए काम करना भी मुश्किल होगा लेकिन फ़िलहाल हमें थोड़ा ठहरकर देखना चाहिए कि क्या ये नया मॉडल काम करता है या नहीं और कहीं येमुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
शाही परिवार को पूरी तरह त्यागने की तैयारी तो नहीं कर रहे हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
शाही सिंहासन की क़तार में प्रिंस हैरी छठे स्थान पर हैं. इससे पहले प्रिंस चार्ल्स, प्रिंस विलियम और उनके तीन बच्चे हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
इससे पहले प्रिंस हैरी अपने भाई प्रिंस विलियम से अपने मतभेद का सार्वजनिक कर चुके हैं. दोनों भाई केन्सिंगटन पैलेस में एक साथ रहते थे लेकिन 2018 में प्रिंस हैरी उस घर से अलग हो गए और विंडसर में अपना नया घर बनवाया. मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
ड्यूक और डचेज़ ऑफ़ ससेक्स के बारे में इस एलान से ब्रिटेन का राजपरिवार सकते में आ गया है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
प्रिंस हैरी और मेगन ने एक बयान जारी कर कहा कि वे दोनों अब ब्रिटेन और उत्तरी अमरीका में अपना समय व्यतीत करेंगे.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
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उन्होंने कहा कि वो दोनों अब ब्रिटेन और उत्तरी अमरीका दोनों जगह में रहेंगे. बयान में उनका कहना था, ''इस भौगोलिक संतुलन से हमें अपने बेटे को शाही तौर तरीक़ों के साथ जिसमें उनका जन्म हुआ था, पालने में मदद मिलेगी. इससे हमें ये स्पेस भी मिलेगा जिससे हम जीवन के नए अध्याय पर केंद्रित हो सकेंगे और अपनी नई चैरिटेबल संस्था को लॉन्च करने का भी मौक़ा मिलेगा.''मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
बीबीसी के शाही संवाददाता जॉनी डायमंड के अनुसार शाही परिवार का ये कहना कि वो इस फ़ैसले से दुखी हैं ये ही बहुत है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
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लेकिन बीबीसी के शाही संवाददाता जॉनी डायमंड के अनुसार शाही जोड़े ने काफ़ी पैसे बचाकर रखे हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
उनके अनुसार प्रिंस हैरी को अपनी मां प्रिंसेज़ डायना से विरासत में ढेर सारा पैसा मिला था और फिर मेगन ने एक कलाकार की हैसियत से भी काफ़ी पैसे कमा कर रखे हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
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शाही परिवार को पूरी तरह त्यागने की तैयारी तो नहीं कर रहे हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
शाही सिंहासन की क़तार में प्रिंस हैरी छठे स्थान पर हैं. इससे पहले प्रिंस चार्ल्स, प्रिंस विलियम और उनके तीन बच्चे हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
इससे पहले प्रिंस हैरी अपने भाई प्रिंस विलियम से अपने मतभेद का सार्वजनिक कर चुके हैं. दोनों भाई केन्सिंगटन पैलेस में एक साथ रहते थे लेकिन 2018 में प्रिंस हैरी उस घर से अलग हो गए और विंडसर में अपना नया घर बनवाया. मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह
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